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प.म.रे. ने सफलता के नए आयाम स्थापित किए हैं -रमेश चंद्रा, महाप्रबंधक    ||    यात्रियों को गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाने में हम सफल हुए हैं -के.के.अटल, जीएम    ||    द.पू.म.रे. में केक काटकर मनाया गया भारतीय रेल का 161वां स्थापना दिवस    ||    बेंगलूरु सिटी रेलवे स्‍टेशन को राष्‍ट्रीय पर्यटन पुरस्‍कार    ||    रिद्धि-सिद्धि उद्योग के साथ सीआरबी के संबंधों की भी सीबीआई जांच हो    ||    सीसीएम की भेदभावपूर्ण नीतियों के चलते गिरी द.पू.म.रे. की लोडिंग    ||    एमई की दौड़ में राधेश्याम से आगे हैं वी. के. गुप्ता    ||    फैजाबाद के केबिनमैन की मोडस ओपरेंडी    ||    नरेंद्र पाटील बने मध्य रेलवे के नए मुख्य जनसंपर्क अधिकारी    ||    मध्‍य रेल पर रेल सप्‍ताह का आयोजन संपन्न    ||    उ. म. रे. : इलाहाबाद मण्‍डल को सर्वोत्‍तम मण्‍डल के साथ 14 शील्‍ड    ||    द.पू.म.रे. : उत्कृष्ट कार्य करने वाले 120 अधिकारी एवं कर्मचारी सम्मानित    ||    अरुणेन्द्र कुमार के प्रिविलेज पास इस्तेमाल करने के मायने    ||    बिना एस्कोर्टिंग वाली गाड़ियों में तेजी से बढ़ता अपराधों का ग्राफ    ||    राजनीतिक पार्टियों की न तो नीति साफ है, न ही नीयत..    ||    मल्टी स्पेशियलिटी राष्ट्रीय मेडिकल कांफ्रेंस 'मेडी संगम-2014' का आयोजन    ||    अब 'अर्पण' से होगा रेलकर्मियों की पेंशन संबंधी समस्याओं का समाधान    ||    संजय सूरी ने सीपीओ/प.रे. का पदभार संभाला    ||    पश्चिम मध्य रेल को 'पंडित गोविंद वल्लभ पंत शील्ड'    ||    वर्ष 2013-14 में उत्तर रेलवे का बेहतर प्रदर्शन

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प.म.रे. ने सफलता के नए आयाम स्थापित किए हैं -रमेश चंद्रा, महाप्रबंधक    ||    यात्रियों को गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाने में हम सफल हुए हैं -के.के.अटल, जीएम    ||    द.पू.म.रे. में केक काटकर मनाया गया भारतीय रेल का 161वां स्थापना दिवस    ||    बेंगलूरु सिटी रेलवे स्‍टेशन को राष्‍ट्रीय पर्यटन पुरस्‍कार    ||    रिद्धि-सिद्धि उद्योग के साथ सीआरबी के संबंधों की भी सीबीआई जांच हो    ||    सीसीएम की भेदभावपूर्ण नीतियों के चलते गिरी द.पू.म.रे. की लोडिंग    ||    एमई की दौड़ में राधेश्याम से आगे हैं वी. के. गुप्ता    ||    फैजाबाद के केबिनमैन की मोडस ओपरेंडी    ||    नरेंद्र पाटील बने मध्य रेलवे के नए मुख्य जनसंपर्क अधिकारी    ||    मध्‍य रेल पर रेल सप्‍ताह का आयोजन संपन्न    ||    उ. म. रे. : इलाहाबाद मण्‍डल को सर्वोत्‍तम मण्‍डल के साथ 14 शील्‍ड    ||    द.पू.म.रे. : उत्कृष्ट कार्य करने वाले 120 अधिकारी एवं कर्मचारी सम्मानित    ||    अरुणेन्द्र कुमार के प्रिविलेज पास इस्तेमाल करने के मायने    ||    बिना एस्कोर्टिंग वाली गाड़ियों में तेजी से बढ़ता अपराधों का ग्राफ    ||    राजनीतिक पार्टियों की न तो नीति साफ है, न ही नीयत..    ||    मल्टी स्पेशियलिटी राष्ट्रीय मेडिकल कांफ्रेंस 'मेडी संगम-2014' का आयोजन    ||    अब 'अर्पण' से होगा रेलकर्मियों की पेंशन संबंधी समस्याओं का समाधान    ||    संजय सूरी ने सीपीओ/प.रे. का पदभार संभाला    ||    पश्चिम मध्य रेल को 'पंडित गोविंद वल्लभ पंत शील्ड'    ||    वर्ष 2013-14 में उत्तर रेलवे का बेहतर प्रदर्शन

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प.म.रे. ने सफलता के नए आयाम स्थापित किए हैं -रमेश चंद्रा, महाप्रबंधक
पश्चिम मध्य रेल का 59वां रेल सप्ताह संपन्न
 
पश्चिम मध्य रेलवे का 59वां रेल सप्ताह समारोह 15 अप्रैल को मदनमहल स्टेशन के पास स्थित 'उत्सव' सामुदायिक भवन में उल्लासपूर्वक मनाया गया. इस रेल सप्ताह के अवसर पर रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड), जोनल तथा मंडल मुख्यालयों के स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, इन समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले रेल कर्मियों को पुरस्कृत किया जाता है. इस वर्ष रेल मंत्रालय द्वारा पश्चिम मध्य रेल को ओवरऑल एफिसियंसी शील्ड (पंडित गोविंद वल्लभ पंत शील्ड) दिए जाने की घोषणा की गई है.
उल्लेखनीय है कि रेल मंत्रालय द्वारा प्रतिवर्ष रेल सप्ताह में पंडित गोविंद वल्लभ पंत शील्ड भारतीय रेल के 17 जोनल रेलों में से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली जोनल रेलवे को प्रदान की जाती है. महाप्रबंधक श्री रमेश चन्द्रा के नेतृत्व में पश्चिम मध्य रेल के सभी विभागों ने अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ठ प्रदर्शन किया है, जिससे पश्चिम मध्य रेल को यह प्रतिष्ठित शील्ड प्राप्त हुई है. यह उपलब्धि अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वर्ष 2003 में पश्चिम मध्य रेल के गठन के बाद से इस रेलवे को यह शील्ड पहली बार मिली है.
महाप्रबंधक श्री रमेश चन्द्रा एवं पश्चिम मध्य रेल महिला कल्याण संगठन की अध्यक्ष श्रीमती नीता चन्द्रा ने दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया. इस अवसर पर अपने संबोधन में महाप्रबंधक श्री रमेश चन्द्रा ने पश्चिम मध्य रेलवे के सभी कर्मठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी, जिनके अथक प्रयासों से पश्चिम मध्य रेल को ओवरऑल एफिसियंसी शील्ड (पंडित गोविंद वल्लभ पंत शील्ड) प्राप्त हुई है.
यात्रियों को गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाने में हम सफल हुए हैं -के.के.अटल, जीएम
पूर्वोत्तर रेलवे का 59वां रेल सप्ताह समारोह संपन्न
 
पूर्वोत्तर रेलवे का 59वां रेल सप्ताह समारोह 15 अप्रैल को सैयद मोदी रेलवे स्टेडियम, गोरखपुर में संपन्न हुआ. इस अवसर पर आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक श्री के. के. अटल ने विभिन्न विभागों के 159 रेल अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनकी विशिष्ट एवं उत्कृष्ट सेवाओं के लिये प्रशस्ति पत्र, पदक एवं नगद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया. पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं में ट्रैकमैन, कांटावाला, फाटकवाला, गार्ड, स्टेशन मास्टर, लोकोपायलट, निरीक्षक, गाड़ी नियंत्रक, सेक्शन इंजीनियर, सफाईवाला, तकनीशियन, नर्सिंग स्टाफ, लेखा सहायक एवं विभिन्न विभागों के कर्मचारी एवं अधिकारी सम्मिलित हैं, जिनकी उत्कृष्ट एवं समर्पित सेवा से रेल की कार्यप्रणाली में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, उत्पादकता बढ़ी है, और रेल दुर्घटनाएं बचाई जा सकी हैं तथा तकनीकी सुझबूझ से आर्थिक स्वावलम्बन में बढ़ोत्तरी हुई है. अंतर्मण्डलीय पुरस्कार योजना के अंतर्गत लखनऊ मण्डल को परिचालन, यांत्रिक (पावर), चिकित्सा, सुरक्षा, संकेत एंव दूरसंचार, यांत्रिक (सवारी एवं माल डिब्बा) कार्यकुशलता शील्ड प्राप्त हुई. इज्जतनगर मण्डल को वाणिज्य, परिचालन (ईंधन), लेखा एवं कार्मिक शील्ड प्रदान की है. इसी प्रकार इंजीनियरिंग, विद्युत एवं भण्डार कार्यकुशलता शील्ड वाराणसी मण्डल को दी गई है. अन्तर्मण्डलीय संरक्षा, राजभाषा, टीम वर्क एवं सर्वांगीण कार्यकुशलता शील्ड लखनऊ एवं इज्जतनगर मंडल को संयुक्त रूप से प्रदान की गई है.
इस अवसर पर अपने सम्बोधन में महाप्रबंधक श्री के. के. अटल ने पुरस्कृत होने वाले सभी रेल अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि सभी के सामूहिक प्रयास से गत वर्ष पूर्वोत्तर रेलवे का सभी क्षेत्रों में प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा है. हमने अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं. उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे का गोरखपुर स्टेशन विश्व के रेल मानचित्र पर दर्ज हो गया है. इस स्टेशन पर 1366.33 मीटर का विश्व का सबसे लम्बा प्लेटफार्म है, जिस पर 26 कोच की दो गाडि़यां एक साथ खड़ी हो सकती हैं. महाप्रबंधक ने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे की इस उपलब्धि को 'लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड्स' द्वारा मान्यता प्रदान की गई है. गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड्स में भी इसके शीघ्र शामिल होने की आशा है. उन्होंने कहा कि गोरखपुर यार्ड रिमॉडलिंग के अंतर्गत अनेक महत्वपूर्ण कार्य सम्पादित किए गए हैं, जिसमें ट्विन सिगिंल लाइन सिस्टम एवं रूट रिले इण्टरलाकिंग सम्मिलित है. रिमॉडलिंग के बाद अब गोरखपुर स्टेशन पर चार अतिरिक्त रनिंग लाइन तथा तीन अतिरिक्त प्लेटफार्म उपलब्ध हो गए हैं. श्री अटल ने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे का संरक्षा रिकार्ड बहुत अच्छा रहा है. यात्रियों को सुरक्षित और संरक्षित रूप से उनके गंतव्य तक पहुंचाने में हम सफल हुए हैं. उन्होंने कहा कि इस रेलवे पर गाड़ियों के समयपालन के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है. बड़ी लाइन की मेल/एक्सप्रेस गाड़ियों के समयपालन का प्रतिशत सुधरकर अब 88.7 हो गया है.
द.पू.म.रे. में केक काटकर मनाया गया भारतीय रेल का 161वां स्थापना दिवस
बिलासपुर : 16 अप्रैल 1853 को बोरीबंदर एवं ठाणे के बीच सिंध, साहेब एवं सुल्तान नामक इंजनों द्वारा 14 डिब्बों में 400 यात्रियों एवं 34 किमी. की रेल यात्रा के साथ इस भारत में रेलसेवा की शुरुआत हुई थी. यह यात्रा देश में रेलवे की शुरुआत की एक यादगार है. भारतीय रेल में इस यादगार को प्रति वर्ष 10 अप्रैल से 16 अप्रैल तक रेल सप्ताह के रुप में मनाया जाता है.
12 अप्रैल, 2014 को 59वें रेल सप्ताह के अवसर पर महाप्रबंधक/द.पू.म.रे. श्री नवीन टंडन ने 120 रेल कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट कार्यो के लिए सम्मानित किया. इस अवसर पर प्राचीन ब्रिटिश रेलवे के समय अलग-अलग निजी कम्पनियों एवं रियासतों द्वारा देश के अलग-अलग भागों में जो रेलें चलाई जाती थीं, उनके प्रतीकों/लोगो को यहां एक रेल प्रदर्शनी में दर्शाया गया, ताकि लोग आजादी के पहले के ऐतिहासिक चिन्हों के बारे में जान सकें. इसके साथ ही बिलासपुर शहर के रेलवे क्षेत्रों की प्राचीन और ऐतिहासिक इमारतों को भी इस प्रदर्शनी में दिखाया गया है. पहले यह प्रदर्शनी 12 से 18 अप्रैल तक आयोजित की गई थी मगर लोगों से मिले अच्छे प्रतिसाद को देखते हुए इस प्रदर्शनी को 20 अप्रैल तक जारी रखा गया है.
बेंगलूरु सिटी रेलवे स्‍टेशन को राष्‍ट्रीय पर्यटन पुरस्‍कार
देश के अत्यंत आधुनिक शहर बेंगलूरु के 'बेंगलुरु सिटी रेलवे स्‍टेशन' को केंद्र सरकार की तरफ से देश के पर्यटन का प्रतिष्ठित 'राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार' प्राप्त हुआ है. वैसे तो देश का सिलिकन वैली शहर होने के नाते बेंगलुरु शहर पर्यटन के दृष्टिकोण से पर्यटकों के पर्यटन शेड्यूल में पहले से ही जुड़ा रहता है, मगर यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त होने के बाद इस शहर की तरफ पर्यटकों का झुकाव और ज्यादा होने की संभावना है.
विज्ञान भवन, नई दिल्ली में केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्‍यमंत्री श्री शशि थरुर से 'बेंगलुरु सिटी रेलवे स्टेशन' के लिए 'मोस्ट टूरिस्ट फ्रेंडली' पुरस्कार ग्रहण करते हुए मंडल रेल प्रबंधक, बेंगलूरु, श्री अनिल कुमार अगरवाल (दाएं) और वरिष्ठ मंडल वाणिज्‍य प्रबंधक, बेंगलूरु श्री एन. रमेश (बाएं).
 
बेंगलुरु रेलवे स्टेशन, दक्षिण पश्चिम रेलवे के प्रमुख रेलवे स्‍टेशनों में से एक है, जिसे भारत के 'पर्यटक अति मित्रवत' (मोस्ट टूरिस्ट फ्रेंडली) रेलवे स्‍टेशनों की श्रेणी में राष्‍ट्रीय पर्यटन पुरस्‍कार प्राप्‍त होने से इस रेलवे स्टेशन की गरिमा और भी ज्यादा बढ़ गई है. उल्लेखनीय है कि यह पुरस्‍कार प्रतिवर्ष भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा पूरे देश के रेलवे स्‍टेशनों की पर्यटन संबंधी गहन समीक्षा के बाद किसी एक रेलवे स्‍टेशन को प्रदान किया जाता है.
रिद्धि-सिद्धि उद्योग के साथ सीआरबी के संबंधों की भी सीबीआई जांच हो
आजकल बहुत बुरी तरह परेशान और डरे-सहमे हुए हैं अरुणेन्द्र कुमार
सीआरबी का खास करीबी रिद्धि-सिद्धि उद्योग का प्रबंध निदेशक गिरफ्तार
 
सुरेश त्रिपाठी
 
आजकल अरुणेन्द्र कुमार, चेयरमैन, रेलवे बोर्ड बहुत परेशान और बुरी तरह डरे-सहमे हुए हैं. वह तब से परेशान हैं, जब से उनके खास करीबी 'रिद्धि-सिद्धि उद्योग' के प्रबंध निदेशक (एमडी) को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है. उल्लेखनीय है कि 2 अप्रैल को सीबीआई ने कोलकाता में केंद्रीय आबकारी विभाग के कुछ वरिष्ठ आबकारी अधिकारियों को एक करोड़ रुपए के हवाला रैकेट और कुछ बेनामी डील के आरोप में गिरफ्तार किया था. उन्हीं के साथ रिद्धि-सिद्धि उद्योग के प्रबंध निदेशक श्री भालोतिया को भी सीबीआई ने गिरफ्तार किया है. ज्ञातव्य है कि वैगन आइटम्स की आपूर्ति के लिए रिद्धि-सिद्धि उद्योग रेलवे की एक मान्य और स्थापित कंपनी है. यह खास तौर पर रेलवे को ब्रैक ब्लॉक्स की आपूर्ति करती है. कुछ समय पहले तक यह अनुसंधान, अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) द्वारा प्रमाणित केटेगरी-वन सप्लायर कंपनी थी, जिसे कई गड़बड़ियों के कारण कुछ समय पहले ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था.
 
पिछले कुछ ही समय में रेलवे की सप्लाई में रिद्धि-सिद्धि उद्योग के अचानक उभरकर एकदम से ऊपर आने के पीछे सबसे बड़ा योगदान इसके एमडी भालोतिया की वर्तमान सीआरबी अरुणेन्द्र कुमार के साथ काफी नजदीकी और बहुत क्लोज डीलिंग का रहा है. विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि श्री भालोतिया ने एक डीलिंग के तहत अरुणेन्द्र कुमार का बहुत बड़ा सहयोग किया था. खासतौर पर तब जब उन्हें सीआरबी बनना था, और उन्हें छत्तीसगढ़ के एक पावरफुल सांसद और केंद्रीय मंत्री को इसकी एवज में बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी थी, तब बताते हैं कि इसी 'रिद्धि-सिद्धि उद्योग' के एमडी श्री भालोतिया ने उनकी पर्याप्त मदद की थी?
सीसीएम की भेदभावपूर्ण नीतियों के चलते गिरी द.पू.म.रे. की लोडिंग
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की लोडिंग मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (सीसीएम) की भेदभावपूर्ण नीतियों के चलते काफी गिर गई है. प्राप्त जानकारी के अनुसार रेलवे बोर्ड द्वारा द.पू.म.रे. को वित्त वर्ष 2013-14 के लिए कुल 156 मिलियन टन की माल लोडिंग का लक्ष्य दिया गया था. परंतु 31 मार्च 2014 को समाप्त हुए इस वित्त वर्ष में द.पू.म.रे. की कुल लोडिंग करीब 151 मिलियन टन ही हुई है. इसका कारण यह बताया जा रहा है कि सीसीएम की पक्षपातपूर्ण नीतियों के चलते छोटे-मोटे लोडर यहां से गायब हो गए हैं. जबकि बिलासपुर और रायपुर जैसे सर्वाधिक लोडिंग करने वाले मंडलों में वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारियों कों दरकिनार करके अत्यंत जूनियर एवं गैर-अनुभवी अधिकारियों को सीनियर डीओएम और सीनियर डीसीएम के पदों पर बैठाया गया है. यही नहीं सामंजस्य के आभाव में यहां पिछले छह-सात महीनों के दरम्यान करीब 9 वाणिज्य अधिकारियों का अकारण तबादला किया गया है. इसका कारण यह बताया जाता है कि सीसीएम को ऐसे अधिकारी चाहिए जो आंख-कान बंद करके उनकी हर उलटी-सीधी बात पर अमल करें.
 
रेट सर्कुलर नंबर 184(जी)2006 और द.पू.म.रे. के पत्र संख्या सी/एसईसीआर/बीएसपी/डब्ल्यूबी/पालिसी/7118, दिनांक 27.10.2006 के पैरा 1451(सी) के अनुसार लोडर्स को रेलवे रिसिप्ट (आरआर) जारी करने में कोई अनावश्यक देरी नहीं की जानी चाहिए. यह रेलवे रिसिप्ट सामान्यतः लोडिंग के 24 घंटे के अंदर लोडर्स (कन्साईनर) दे दी जानी चाहिए.विशेष परिस्थितियों में डीसीएम/सीनियर डीसीएम को यह अवधि 48 घंटे तक रिलैक्स करने का अधिकार दिया गया है जबकि डीआरएम को इससे भी जयादा समय देने का अधिकारी है. मगर सीसीएम ने यहां फ्रेट चार्ज जमा कराने और आरआर जारी करने के सम्बन्ध में अपना एक अलग पत्र (संख्या सी/एसईसीआर/बीएसपी/आरआर चार्ज/पालिसी/5537, दिनांक 13.08.2013) जारी करते हुए लोडिंग के तुरंत बाद आरआर जारी करने और पैसा जमा कराने का आदेश दे दिया, और यदि लोडर्स यह पैसा तुरंत जमा नहीं करते हैं, तो उन पर 10% का अतिरिक्त चार्ज लगा देने का आदेश दे दिया. जबकि 24 घंटे के बाद जमा करने पर यह 10% अतिरिक्त चार्ज लगाने का प्रावधान है.
एमई की दौड़ में राधेश्याम से आगे हैं वी. के. गुप्ता
वर्तमान मेंबर इंजीनियरिंग (एमई) श्री सुबोध जैन इसी महीने 30 अप्रैल को रिटायर हो रहे हैं. उनके उत्तराधिकारी के तौर पर हालाँकि अभी स्थिति बहुत स्पष्ट नहीं है, मगर रेलवे बोर्ड के हमारे सूत्रों के अनुसार अगला एमई बनने की दौड़ में उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक श्री वी. के. गुप्ता, दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक श्री राधेश्याम से आगे हैं. इसके अलावा उन्हें स्वाभाविक तौर पर दिल्ली में पदस्थ होने का भी लाभ मिल रहा है. तथापि सूत्रों का कहना है कि यह नियुक्ति वर्तमान में चल रहे लोकसभा चुनावों के बाद और 17 मई के पश्चात् गठित होने वाली नई केंद्र सरकार द्वारा ही किए जाने की पूरी संभावना है. सूत्रों का यह भी कहना है कि सीआरबी ने श्री राधेश्याम को 11 अप्रैल को बोर्ड में तलब किया था. परंतु यह पता नहीं चल पाया है कि सीआरबी ने उन्हें यह समझाने के लिए बुलाया था कि वह चुप बैठ जाएं और गुप्ता को एमई बन जाने दें, अथवा यह कहने के लिए बुलाया था कि वह चुप क्यों बैठे हैं, एमई बनने के लिए जोर क्यों नहीं लगा रहे? बावजूद इसके, सूत्रों का यह भी कहना है कि अगला एमई तो वही बनेगा, जिसका 'वजन' ज्यादा होगा. इसका संकेत भी सीआरबी द्वारा उत्तर रेलवे के दिल्ली स्टेशन के निरीक्षण और श्री गुप्ता द्वारा की जा रही उनकी जबरदस्त आवभगत से भी मिल रहा है.
फैजाबाद के केबिनमैन की मोडस ओपरेंडी
उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के फैजाबाद स्टेशन पर मोहम्मद यासीन नामक एक केबिनमैन पिछले करीब दो सालों में लगभग 100-150 दिन ही काम किया है, मगर इस दरम्यान उसका पूरा वेतन दिया गया है. बताते हैं कि मो. यासीन की मोडस ओपरेंडी यह है कि वह ड्यूटी से लगातार गायब रहता है और 45 या 90 दिन पूरे होने से पहले प्राइवेट मेडिकल लेकर फैजाबाद स्थित रेलवे डिस्पेंसरी में फिट मेमो लेने पहुँच जाता है. फिट मेमो लेने के बाद उसकी मर्जी होती है तो एकाध दिन ड्यूटी करता है, वरना फिर से गायब हो जाता है.
 
विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 24 दिसंबर 2012 से 16 जनवरी 2014 तक ड्यूटी से गायब रहा और 17 जनवरी को फिट मेमो लेने फैजाबाद डिस्पेंसरी में पहुंचा था. उसे 17 जनवरी को फिट मेमो दिया गया था. मगर वह ड्यूटी करने के बजाय फिर से गायब हो गया. इसके बाद वह फिर 18 जनवरी से 19 मार्च 2014 तक का प्राइवेट मेडिकल लेकर फैजाबाद डिस्पेंसरी में पहुंचा था. उसे 19 मार्च को डॉक्टर द्वारा फिर से फिट मेमो दिया गया था.
नरेंद्र पाटील बने मध्य रेलवे के नए मुख्य जनसंपर्क अधिकारी
श्री नरेंद्र पाटील को मध्य रेलवे का नया मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) बनाया गया है. श्री पाटील ने अपना कार्यभार 11 अप्रैल से संभाल लिया है. इससे पहले वह वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, मुंबई मंडल, म. रे. के पद पर कार्यरत थे. 1985 बैच के इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस (आईआरटीएस) अधिकारी श्री पाटील ने पुणे विश्वविद्यालय से सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है. श्री पाटील को मध्य रेलवे सहित पूर्वोत्तर सीमान्त रेलवे, गुवाहाटी में एरिया मैनेजर, मंडल संरक्षा अधिकारी, मंडल वाणिज्य प्रबंधक, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी, प्रिंसिपल, जोनल रेलवे ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, भुसावल, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक और वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक, सोलापुर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम करने का गहन अनुभव प्राप्त है. श्री पाटील को उनकी सराहनीय सेवाओं के लिए इस वर्ष रेलमंत्री अवार्ड के लिए नामांकित किया गया है. जबकि इससे पहले उन्हें महाप्रबंधक अवार्ड सहित कई दक्षता शील्ड मिल चुकी हैं.
मध्‍य रेल पर रेल सप्‍ताह का आयोजन संपन्न
16 अप्रैल 1853 को हिन्‍दुस्थान में पहली रेल गाडी मुंबई से ठाणे के बीच चलाई गई थी. उस एतिहासिक क्षण को यादगार बनाने के लिए भारतीय रेल पर रेलवे बोर्ड स्‍तर पर एवं  क्षेत्रीय रेल स्‍तर पर रेल सप्‍ताह का आयोजन किया जाता है. इस अवसर पर 11 अप्रैल को मध्‍य रेल मुख्यालय, छत्रपति शिवाजी टर्मिनस स्थित ऑडिटोरियम में रेल सप्‍ताह का आयोजन किया गया, जिसमें मध्‍य रेल की महाप्रबंधक संपूर्ण दक्षता शील्‍ड एवं वाणिज्‍य दक्षता शील्‍ड (संयुक्त रूप से) मुंबई एवं भुसावल मंडल को एवं परिचालन दक्षता शील्‍ड एवं यांत्रिक दक्षता शील्‍ड नागपुर एवं सोलापुर मंडल को (संयुक्त रूप से) महाप्रबंधक मध्‍य रेल श्री सुनील कुमार सूद के हाथों प्रदान की गई. इस अवसर पर मध्‍य रेल के 230 रेल अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनके उत्‍कृष्‍ट कार्य हेतु नगद पुरस्‍कार एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया.
महाप्रबंधक/म.रे. श्री सुनील कुमार सूद एवं अपर महाप्रबंधक श्री एन. सी. सिन्हा. के हाथों महाप्रबंधक की संपूर्ण दक्षता शील्‍ड एवं वाणिज्‍य दक्षता शील्‍ड (संयुक्त रूप से) ग्रहण करते हुए डीआरएम/मुंबई श्री मुकेश निगम और डीआरएम/भुसावल श्री महेश कुमार गुप्ता.
उ. म. रे. : इलाहाबाद मण्‍डल को सर्वोत्‍तम मण्‍डल के साथ 14 शील्‍ड
उत्‍तर मध्‍य रेलवे द्वारा 10 अप्रैल 2014 से 16 अप्रैल तक मनाए जा रहे रेल सप्‍ताह का मुख्‍य पुरस्‍कार वितरण समारोह सूबेदारगंज, इलाहाबाद स्थित प्रधान कार्यालय में महाप्रबंधक श्री प्रदीप कुमार की अध्‍यक्षता में आयोजित किया गया. 16 अप्रैल 1853 को भारत में रेल के प्रथम आगमन के उपलक्ष्‍य में सम्‍पूर्ण भारतीय रेल में सन 1956 से प्रतिवर्ष रेल सप्‍ताह मनाने की शुरुआत की गई थी. इस अवसर पर अपने सम्‍बोधन में महाप्रबन्‍धक श्री प्रदीप कुमार ने उत्‍तर मध्‍य रेलवे की वित्तवर्ष 2013-14 की उपलब्‍धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि उत्तर मध्‍य रेलवे ट्रंक रूटों के माध्‍यम से देश के उत्‍तरी भाग को पूर्व, पश्चिम और दक्षिणी भागों से जोड़ने में एक महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाती है. वित्त वर्ष 2013-14 के दौरान पिछले वर्ष की की तुलना में, राजस्‍व लदान मे 12.7% की वृद्धि हुई है. सकल यात्री अर्जन में 14.4% तथा माल भाड़ा अर्जन में भी 25.85% की वृद्धि हुई है. स्‍क्रैप की बिक्री से हुई आमदनी में 26.7% की वृद्धि हुई है. ऊर्जा संरक्षण एवं राजभाषा के क्षेत्रों में उ.म.रे. की उपलब्धियों को सराहते हुए पुरस्‍कृत किया गया है.
यात्री सुविधाओं की चर्चा करते हुए महाप्रबन्‍धक ने बताया कि उत्‍तर मध्‍य रेलवे के 11 स्‍टेशनों पर 19 जोड़ी गा‍ड़ियों का स्‍टापेज बढ़ाया गया है. वरिष्‍ठ नागरिकों तथा अन्‍य यात्रीयों की सुविधा हेतु इलाहाबाद, आगरा और कानपुर सेंट्रल स्‍टेशन पर स्‍वचालित  सीढ़ि‍यों की नई सुविधा उपलब्‍ध कराई गई है. उत्‍तर मध्‍य रेलवे में, संचालन क्षमता का विस्‍तार करने और नए क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए वर्ष 2013-14 के दौरान ललितपुर और टीकमगढ़ के बीच नई लाइन चालू करने, भूतेश्‍वर-पलवल तथा गाजियाबाद-अलीगढ सेक्‍शन में तीसरी लाइन के निर्माण, झांसी-कानपुर सेक्शन के़ विद्युतीकरण, हाथरस यार्ड में लाइनों और प्‍लेटफार्मों के विस्‍तार जैसे कई कार्य किये गये हैं.
द.पू.म.रे. : उत्कृष्ट कार्य करने वाले 120 अधिकारी एवं कर्मचारी सम्मानित
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा 59वां रेल सप्ताह समारोह 12 अप्रैल 2014 को एन.ई.इंस्टीट्यूट ऑडिटोरियम में मनाया गया. समारोह में मुख्य अतिथि, महाप्रबंधक श्री नवीन टण्डन थे. कार्यक्रम में श्रीमती अमिता टण्डन, अध्यक्ष सेक्रो, युनियन पदाधिकारी, मुख्यालय एवं सभी मंडलों के मंडल रेल प्रबंधक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे. भारत में पहली बार रेल का शुभारंभ 16 अप्रैल 1853 में मुम्बई से ठाणे के बीच हुआ था. इस ऐतिहासिक घटना की याद में रेल मंत्रालय सहित सभी क्षेत्रीय रेलों, वर्कशॉप, यूनिटों एवं मंडलों में प्रति वर्ष 10 से 16 अप्रैल तक रेल सप्ताह मनाया जाता है. इस रेल सप्ताह समारोह में रेल अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विगत वित्तीय वर्ष में उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कृत किया जाता है.
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा मनाए गए 59वें रेल सप्ताह के अवसर पर सर्वप्रथम परम्परा अनुसार मुख्य अतिथि श्री नवीन टण्डन एवं श्रीमति अमिता टण्डन द्वारा दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारम्भ किया गया. इस अवसर पर उप महाप्रबंधक (सा.) एवं मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री राजेन्द्र कुमार अग्रवाल ने सभी अतिथियों व आगंतुकों का स्वागत किया तथा रेलवे के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला.
अरुणेन्द्र कुमार के प्रिविलेज पास इस्तेमाल करने के मायने
चेयरमैन, रेलवे बोर्ड (सीआरबी) बनते ही जिस अधिकारी के पांव जमीन पर नहीं पड़ रहे थे, और सीआरबी बनते ही जिसने सभी बोर्ड मेम्बरों सहित अपने सभी विरोधियों को ठिकाने लगा दिया, वह अब लगता है कि भावी स्थितियों को देखते हुए आसमान से सीधे जमीन पर आ गया है. जहां स्थानीय अधिकारियों से इन्हें लंबी खरीद करवानी होती है, और ढ़ेरों गिफ्ट बटोरने होते हैं, वहां यह सैलून लेकर जाते हैं, जिससे वह तमाम सारी खरीद और तोहफों को उसमें भरकर ला सकें, मगर जहां इन्हें सिर्फ मौज-मस्ती करने जाना होता है, वहां यह अपने लिए प्रिविलेज पास और संतानों के लिए टिकट खरीद कर जाने का नाटक करते नजर आते हैं.
 
हमारे विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सीआरबी 'कान्तारू', (हां, उनका यही संक्षिप्त नाम अब रेल अधिकारियों ने उन्हें उद्धरित करने के लिए रखा है), अपना प्रिविलेज पास लेकर आज शाम को 8.30 बजे ऊधमपुर संपर्क क्रांति के फर्स्ट क्लास कूपे में यात्रा करते हुए दो दिन की छुट्टी मनाने के लिए दिल्ली से जम्मू जाने वाले हैं. जहां सूत्रों का कहना है कि उनके लिए 'इरकॉन' की तरफ से एक फाइव स्टार होटल में रहने की व्यवस्था की गई है. हालाँकि 'इरकॉन' से संपर्क किए जाने के बावजूद उसकी तरफ से इस बारे में कोई रिस्पांस नहीं मिला और न ही इस बारे में भेजे गए संदेश का जवाब देने की जरुरत समझी गई.
 
सूत्रों का यह भी कहना है कि जम्मू के सम्बंधित अधिकारी, जिन्हें कान्तारू के 'खान-पान' की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, इस बात को लेकर बहुत परेशान थे कि उनके लिए कौन सी 'ब्रांड' की व्यवस्था की जाए, यह तो उन्हें पता ही नहीं है. वह यह बात सीधे जाकर उनसे पूछ भी नहीं सकते हैं, क्योंकि उन्हें डर इस बात का है कि कहीं कान्तारू नाराज न हो जाएं और यही न कह बैठें कि वह कैसे अधिकारी हैं, जिन्हें मेरे नीचे काम करते हुए आज तक इतना भी नहीं मालूम हो सका?
बिना एस्कोर्टिंग वाली गाड़ियों में तेजी से बढ़ता अपराधों का ग्राफ
ऑल इंडिया आरपीएफ एसोसिएशन, उत्तर पश्चिम रेलवे की जोनल कार्यकारिणी की बैठक में राजनीतिक हस्तक्षेप से अधिकारियों को मुक्त रखने के डीजी/आरपीएफ के आदेश का कड़ा विरोध
 
ऑल इंडिया आरपीएफ एसोसिएशन, उत्तर पश्चिम रेलवे की जोनल कार्यकारिणी की बैठक और आमसभा रेलवे लोको कॉलोनी, जयपुर स्थित एसोसिएशन कार्यालय में रविवार, 6 अप्रैल को सम्पन्न हुई. सभा में उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर, जोधपुर, बीकानेर एवं अजमेर मंडल के आरपीएफ थानो से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया. इस अवसर पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री वीरेंद्र सिंह यादव और जोनल सचिव श्री रामेश्वर जाट मुख्य अतिथि थे. बैठक की अध्यक्षता जोनल अध्यक्ष श्री आर. जे. सिंह संधू ने की.
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री वीरेंद्र सिंह यादव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि रेल और यात्रियों की सुरक्षा में कोई भी कोताही बरतना ठीक नहीं होगा. उन्होंने कहा कि रेल प्रशासन रेल यात्रियों और सुरक्षा कर्मियों के प्रति जानबूझकर लगातार लापरवाह होता जा रहा है, जिससे रेल यात्री और सुरक्षा कर्मी दोनों का ही जीवन प्रभावित हो रहा है. उन्होंने बताया कि वर्तमान में रेलवे में आरपीएफ के संख्या बल के अभाव में 1300 सवारी गाड़ियां बिना आरपीएफ एस्कोर्टिंग के चल रही हैं. वर्तमान में 1286 सवारी गाड़ियों की एस्कोर्टिंग आरपीएफ द्वारा की जा रही है, जिससे यात्री विषयक अपराधों का ग्राफ काफी कम हुआ है. इसलिए बाकी ट्रेनों की एस्कोर्टिंग ड्यूटी में पर्याप्त संख्या में बल सदस्यों की तैनाती किए जाने की अत्यंत आवश्यकता है, क्योंकि अपराधों का ग्राफ ऐसी ही गाड़ियों में ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है, जिनमें कोई एस्कोर्टिंग नहीं है.
 
जोनल सचिव श्री रामेश्वर जाट ने अपने संबोधन में कहा कि संख्या बल की कमी के कारण बल सदस्यों के आवश्यक समझे जाने वाले अवकाश/विश्राम पर अनिष्चितकालीन रोक लगा दी जाती है, ड्यूटी ऑवर्स बढ़ा दिए जाते हैं, जिससे ठीक से रेल यात्रियों की सुरक्षा तो हो ही नहीं पाती है, बल्कि लगातार कार्यरत रहने से आरपीएफ सिपाहियों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है.
राजनीतिक पार्टियों की न तो नीति साफ है, न ही नीयत..
नरसिंह कुमार, अध्यक्ष, नार्दन रेलवे एम्प्लाईज़ यूनियन
 
नार्दन रेलवे एम्प्लाईज़ यूनियन (एनआरईयू) के अध्यक्ष नरसिंह कुमार की अध्यक्षता में केन्द्रीय कार्यकारिणी की बैठक हाल ही में लुधियाना में सम्पन्न हुई. जिसमें संगठनात्मक मुद्दों के अलावा लोकसभा चुनाव के मद्देनजर भी विचार-विमर्श किया गया. इस अवसर पर नरसिंह कुमार ने कहा कि रेल कर्मचारी पूरे देश में लगभग 200 लोकसभा सीटों को प्रभावित करते हैं, लेकिन आज तमाम नेताओं की गतिविधियों, बयानबाजी और भाषणों से स्पष्ट हो चुका है कि इन नेताओं और राजनीतिक पार्टियों की न कोई नीति है और न ही कोई नियति. उन्होंने कहा कि राजनीतिक पार्टियों की न तो नीति साफ है, न ही नीयत.. नेताओं को केवल प्रधानमंत्री बनने की जल्दी है. आम जनता की समस्याओं से इनका दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है. देश की आम जनता मकान, शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल, बेरोजगारी आदि कई कठिन समस्याओं से लगातार जूझ रही है, लेकिन उसको गुमराह करने के लिए सभी राजनीतिक पार्टियां अपने शब्दजालों में उलझाकर प्रधानमंत्री पद की होड़ में लगी हुई हैं.
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ कहे जाने वाले मीडिया जगत ने भी अपनी टीआरपी बढ़ाने के चक्कर में दो नेताओं के नाम को बार-बार उछालकर जनता के समान शिक्षा व्यवस्था, सबको समान चिकित्सा सुविधा, बेरोजगारी का समधान, महंगाई, महिलाओं और वंचितों पर अत्याचार, उनको शोषण से मुक्ति आदि तमाम आवश्यक और महत्वपूर्ण मुद्दों को निगल लिया है. उनका कहना था कि देश और प्रदेशों में ज्यादातर कांग्रेस और भाजपा की ही सरकारें रही हैं, लेकिन इनमें से किसी भी पार्टी की सरकार ने कर्मचारियों की समस्याओं को हल करने की बजाय उल्टे उनकी समस्याओं को बढ़ाया ही है.
मल्टी स्पेशियलिटी राष्ट्रीय मेडिकल कांफ्रेंस 'मेडी संगम-2014' का आयोजन
उत्‍तर मध्‍य रेलवे की स्थापना के 10 साल पूरे होने और रेलवे चिकित्सालय (केंद्रीय चिकित्सालय, उत्तर मध्य रेलवे) की स्थापना के 90 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर उत्‍तर मध्‍य रेलवे के चिकित्सा विभाग के तत्‍वावधान में 5 अप्रैल को डीएसए ग्राउण्‍ड स्थित रेल अधिकारी क्‍लब में दो दिवसीय मल्टी स्पेशियलिटी राष्ट्रीय कांफ्रेंस 'मेडी संगम-2014' का आयोजन किया गया. इस अवसर पर महानिदेशक, रेल स्वास्थ्य सेवा, रेलवे बोर्ड डॉ. पी. एस. प्रसाद के मुख्य अतिथि एवं महाप्रबंधक/उ.म.रे. श्री प्रदीप कुमार के विशेष अतिथि के तौर पर उपस्थित थे. डॉ. पी. एस. प्रसाद एवं श्री प्रदीप कुमार ने दीप प्रज्जवलित कर मेडी संगम का उदघाटन किया.
'मेडी संगम-2014' का उदघाटन करते हुए डीजी/आरएचएस डॉ. पी. एस. प्रसाद. उनके साथ हैं श्री प्रदीप कुमार, महाप्रबंधक/उ.म.रे.
 
इस अवसर पर अपने संबोधन में महानिदेशक, रेल स्वास्थ्य सेवा डॉ. पी. एस. प्रसाद ने कहा कि भारतीय रेल स्वास्थ्य सेवा से रेल कर्मियों और उनके परिवार के लगभग 60 लाख लाभार्थियों को अपनी सेवा प्रदान की जा रही है. उन्होंने कहा कि हमारा सेवा रिकार्ड बहुत ही बेहतरीन रहा है और निरंतर बढ़ती मांग के बावजूद अपने सीमित संसाधनो में हम रेलकर्मियों को समुचित स्वास्थ्य सेवा दे रहे हैं. यह कांफ्रेंस प्रयाग के त्रिवेणी संगम पर गंगा-यमुना के साथ ज्ञान रूपी सरस्वती के संगम को यथार्थ रूप देगी.
अब 'अर्पण' से होगा रेलकर्मियों की पेंशन संबंधी समस्याओं का समाधान
वित्त आयुक्त/रेलवेज राजेंद्र कश्यप द्वारा पेंशन पोर्टल ‘अर्पण’ की समीक्षा
 
पश्चिम रेलवे प्रधान कार्यालय, मुंबई में हाल ही में आयोजित एक बैठक में श्री राजेन्द्र कश्यप, वित्त आयुक्त/रेलवेज द्वारा पेंशन पोर्टल 'एडवांस रेलवे पेंशन एक्सेस नेटवर्क' (अर्पण) की समीक्षा की गई. इस अवसर पर श्री हेमंत कुमार, महाप्रबंधक, पश्चिम रेलवे, श्री सुनील कुमार सूद, महाप्रबंधक, मध्य रेलवे, श्रीमती नलिनी काक, वित्तीय सलाहकार एवं मुख्य लेखा अधिकारी, प. रे. सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे.
पश्चिम रेलवे प्रधान कार्यालय, मुंबई में एडवांस रेलवे पेंशन एक्सेस नेटवर्क (अर्पण) की समीक्षा के बाद उसका बैनर जारी करते हुए श्री राजेंद्र कश्यप, वित्त आयुक्त/रेलवेज, उनके साथ हैं श्री हेमंत कुमार, महाप्रबंधक, पश्चिम रेलवे, श्री सुनील कुमार सूद, महाप्रबंधक, मध्य रेलवे, श्रीती नलिनी काक, वित्तीय सलाहकार एवं मुख्य लेखा अधिकारी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण.
 
एडवांस रेलवे पेंशन एक्सेस नेटवर्क (अर्पण) एक केन्द्रीकृत एप्लीकेशन है, जो पूरे भारतीय रेलवे पर पेंशन सम्बंधी गतिविधियों हेतु उपयोग में लाया जायेगा. यह केन्द्र सरकार में पेंशन का पहली एवं सबसे बड़ी ई-गवर्नेंस पहल है, जिससे समस्त रेल अधिकारियों और कर्मचारियों की पेंशन सम्बंधी गतिविधियों को केन्द्रीकृत करने, क्षमता बढ़ाने तथा नीतियों के बारे में उन्हें अपनी अद्यतन जानकारी प्राप्त करने में काफी सहूलियत होगी. पश्चिम रेलवे के 'अर्पण' प्रोजेक्ट से सम्बंधित अधिकारी डिप्टी एफए एंड सीएओ श्री सुदीप पाल ने बताया कि 'अर्पण' फिलहाल सिर्फ 'रेलनेट' पर ही उपलब्ध है. इसे जल्दी ही इंटरनेट पर भी अपलोड कर दिया जाएगा.
संजय सूरी ने सीपीओ/प.रे. का पदभार संभाला
श्री संजय सूरी ने पश्चिम रेलवे के मुख्य कार्मिक अधिकारी (सीपीओ) का पदभार ग्रहण कर लिया है. श्री सूरी भारतीय रेल कार्मिक सेवा 1983 बैच के वरिष्ठ अधिकारी हैं. श्री सूरी ने कानून की पढ़ाई में स्वर्ण पदक हासिल किया है. श्री सूरी को रेलवे बोर्ड में मानव संसाधन सुधार समिति के चेयरमेन सहित पश्चिम रेलवे में उप महाप्रबंधक (विधि) एवं मुख्य कार्मिक अधिकारी (औद्योगिक सम्बंध), उत्तर पूर्व रेलवे एवं दक्षिण मध्य रेलवे में मुख्य कार्मिक अधिकारी जैसे महत्त्वपूर्ण पदों पर कार्य करने का विस्तृत एवं गहन अनुभव प्राप्त है. श्री सूरी प्रतिनियुक्ति पर सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई सहित रेलवे उत्पादन इकाइयों में भी कार्य कर चुके हैं.
पश्चिम मध्य रेल को 'पंडित गोविंद वल्लभ पंत शील्ड'
रेल मंत्रालय द्वारा पश्चिम मध्य रेल को सर्वश्रेष्ठ कार्य-निष्पादन के लिए 'पंडित गोविंद वल्लभ पंत शील्ड' दिए जाने की घोषणा की गई है. उल्लेखनीय है कि रेल मंत्रालय द्वारा प्रतिवर्ष रेल सप्ताह में 'पंडित गोविंद वल्लभ पंत शील्ड' भारतीय रेल के 17 जोनल रेलों में से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली जोनल रेलवे को प्रदान की जाती है. महाप्रबंधक श्री रमेश चन्द्रा के नेतृत्व में पश्चिम मध्य रेल के सभी विभागों ने अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ठ कार्य-निष्पादन किया है, जिसकी वजह से पश्चिम मध्य रेल को यह शील्ड प्राप्त हुई है. यह उपलब्धि अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वर्ष 2003 में पश्चिम मध्य रेल के गठन के बाद से यह शील्ड पहली बार इस रेलवे को प्राप्त हुई है.
महाप्रबंधक श्री रमेश चन्द्रा ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर पश्चिम मध्य रेल के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए उनके कार्यों की सराहना की है. इस अवसर पर पश्चिम मध्य रेल के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी श्री चन्द्रा को पुष्प-गुच्छ देकर उन्हें बधाई दी. रेलवे बोर्ड द्वारा इस शील्ड की घोषणा किए जाने के बाद से पश्चिम मध्य रेल पर हर्षोंउल्लास का माहौल है.
वर्ष 2013-14 में उत्तर रेलवे का बेहतर प्रदर्शन
मूल राजस्व आय में उत्तर रेलवे सर्वप्रथम माल-भाड़ा लदान में 11 प्रतिशत की वृद्धि
 
वित्त वर्ष 2013-14 में लगभग 53.25 मिलियन टन के रिकॉर्ड माल लदान के साथ उत्तर रेलवे ने पिछले वित्तीय वर्ष के 48.01 मिलियन टन की तुलना में 5 मिलियन टन की वृद्धि दर्ज की है. वित्त वर्ष 2013-14 में लगभग 16000 करोड़ रुपये के मूल राजस्व के साथ उत्तर रेलवे पहले स्थान पर रहा है. पिछले वर्ष के 14,289 करोड़ रुपये की तुलना में इस वर्ष आय में 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी. वर्ष 2013-14 के दौरान मालभाड़ा आय में 7300 करोड़ रुपये अर्जित किए गए, जो कि पिछले वर्ष से 1000 करोड़ रुपये अधिक हैं. भारत में विभिन्न गंतव्यों को किए जाने वाले खाद्यान्न लदान में 21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी, पीओएल उत्पादों का लदान 18 प्रतिशत और उत्तर भारत से बंदरगाहों को किया जाने वाला कंटेनर कार्गो का लदान 8 प्रतिशत तक बढ़ गया.
उत्तर रेलवे द्वारा विपणन रणनीति पर ध्यान केन्द्रित करके इस लक्ष्य को हासिल किया गया है. इसके अलावा रोलिंग स्टॉक के प्रभावी प्रबंधन से खाद्यान्न, पीओएल, कंटेनरों, सीमेंट और अन्य माल लदान के लिए जरूरी वैगनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई. यह वृद्धि नवम्बर, दिसम्बर और जनवरी महीनों के दौरान भारतीय खाद्य निगम के कर्मचारियों द्वारा की गई हड़ताल के बावजूद हासिल की गई है. निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उत्तर रेलवे ने टिम्बर, ट्रैक्टरों, मिली-जुली सामग्रियों, मोटर साईकिलों और डी-ऑइल केक (खली) के लदान को बढ़ाकर माल लोडिंग के प्रदर्शन को बेहतर किया गया है.
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