Important :
रेल राज्यमंत्री के साथ महाप्रबंधक/उ.म.रे. की कार्य-निष्पादन समीक्षा बैठक    ||    जबलपुर स्टेशन पर इलेक्ट्रॉनिक आरक्षण चार्ट डिस्प्ले स्क्रीन का लोकार्पण    ||    बहुत कठिन है डीजल लॉबी के सामने रेलवे बोर्ड के पुनर्गठन की योजना    ||    लोको रेलवे अस्पताल, कानपुर में भ्रष्टाचार और हेराफेरी चरम पर    ||    सीनियर डीईएन और इंचार्ज पीडब्ल्यूआई की मिलीभगत का कारनामा    ||    ‘लार्जेस’ योजना : कैट के आदेश पर 8 महीने से रेलवे बोर्ड मौन    ||    कामनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीतने वाली वेटलिफ्टर स्वाती सिंह का सम्मान    ||    महाप्रबंधक द्वारा नवनिर्मित रनिंग रूम का उदघाटन और सुविधाओं का निरीक्षण    ||    ईआरपीओए की एजीएम और नए पदाधिकारियों का चुनाव संपन्न    ||    पूर्व तट रेलवे : अधिकारी द्वारा अधिकार का दुरुपयोग    ||    मुंबई मंडल, म.रे. के एक खास ठेकेदार का लगातार किया जा रहा है फेवर    ||    ‘लार्जेस’ पर रेलवे बोर्ड की चुप्पी    ||    रेल टिकट की बिक्री के विकेंद्रीकरण का चौतरफा स्वागत    ||    दिल्ली हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित विधि व्याख्यान    ||    एक बालक था, जिसका नाम था अरुण कुमार गुप्ता..    ||    असुरक्षित तथाकथित प्रतिष्ठित राजधानी एक्सप्रेस    ||    रेलमंत्री द्वारा आईआरसीटीसी के चौथे ‘रेल-नीर’ संयंत्र का उदघाटन    ||    पूर्व रेलवे का कार्य-निष्पादन पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर -आर.के.गुप्ता    ||    पश्चिम रेलवे द्वारा माल लदान, आमदनी बढ़ाने तथा यात्री सुविधाओं पर जोर    ||    चालू वित्तवर्ष के पहले चार महीनों में बढ़िया रहा है म. रे. का कार्य-निष्पादन

Suresh Tripathi, Editor, 105, Doctor House, 1st Floor, Raheja Complex, Kalyan (West) - 421301. Distt. Thane (Maharashtra). Contact:+919869256875 Email : editor@railsamachar.com

रेल राज्यमंत्री के साथ महाप्रबंधक/उ.म.रे. की कार्य-निष्पादन समीक्षा बैठक    ||    जबलपुर स्टेशन पर इलेक्ट्रॉनिक आरक्षण चार्ट डिस्प्ले स्क्रीन का लोकार्पण    ||    बहुत कठिन है डीजल लॉबी के सामने रेलवे बोर्ड के पुनर्गठन की योजना    ||    लोको रेलवे अस्पताल, कानपुर में भ्रष्टाचार और हेराफेरी चरम पर    ||    सीनियर डीईएन और इंचार्ज पीडब्ल्यूआई की मिलीभगत का कारनामा    ||    ‘लार्जेस’ योजना : कैट के आदेश पर 8 महीने से रेलवे बोर्ड मौन    ||    ईआरपीओए की एजीएम और नए पदाधिकारियों का चुनाव संपन्न    ||    पूर्व तट रेलवे : अधिकारी द्वारा अधिकार का दुरुपयोग    ||    मुंबई मंडल, म.रे. के एक खास ठेकेदार का लगातार किया जा रहा है फेवर    ||    ‘लार्जेस’ पर रेलवे बोर्ड की चुप्पी    ||    रेल टिकट की बिक्री के विकेंद्रीकरण का चौतरफा स्वागत    ||    एक बालक था, जिसका नाम था अरुण कुमार गुप्ता..    ||    असुरक्षित तथाकथित प्रतिष्ठित राजधानी एक्सप्रेस    ||    रेलमंत्री द्वारा आईआरसीटीसी के चौथे ‘रेल-नीर’ संयंत्र का उदघाटन    ||    पूर्व रेलवे का कार्य-निष्पादन पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर -आर.के.गुप्ता    ||    पश्चिम रेलवे द्वारा माल लदान, आमदनी बढ़ाने तथा यात्री सुविधाओं पर जोर    ||    चालू वित्तवर्ष के पहले चार महीनों में बढ़िया रहा है म. रे. का कार्य-निष्पादन    ||    पश्चिम मध्य रेल ने उल्लासपूर्वक मनाया स्वतंत्रता दिवस समारोह    ||    आईआरपीएस अधिकारी राकेश कुमार को 70 हजार की रिश्वत मांगने के मामले में सीबीआई ने पकड़ा    ||    आईआरसीटीसी के पूर्व सीआरएम के. एम. त्रिपाठी को पांच साल की जेल

अब मुरादाबाद मंडल के सभी वाणिज्य कार्यालय हुए लाइव
अब इसी पारदर्शिता के चलते मुरादाबाद मंडल के उक्त 14 वाणिज्य कार्य-स्थलों से भी सभी प्रकार की जन-शिकायतें ख़त्म हो जाने की उम्मीद सीनियर डीसीएम श्री मनोज शर्मा ने 'रेलवे समाचार' से बात करते हुए व्यक्त की है. श्री शर्मा ने बताया कि सीसीटीवी लगने से पहले उनके पीआरएस में हर महीने करीब 10 से 15 विजिलेंस मामले दर्ज हो जाते थे, जबकि पब्लिक कम्प्लेंट्स की तो कोई गणना ही नहीं थी. मगर अब न सिर्फ हमारा स्टाफ इस सीसीटीवी के लगने से निडर हुआ है, बल्कि उसमें ईमानदारी से काम करने का साहस भी पैदा हुआ है. उन्होंने बताया कि पहले स्टाफ के मन भी डर रहता था, कि उसकी बात उसके अधिकारीगण ही नहीं सुनेंगे, मगर अब सीसीटीवी के रहते उन्हें कुछ कहने की जरुरत ही नहीं रह गई है, क्योंकि हम अब खुद ही हर वक्त उनकी और उनके कामकाज की निगरानी करते रहते हैं. श्री शर्मा का कहना था कि यही वजह है कि हमने खुद को और खुद के कार्यालय को भी सीसीटीवी की जद में ला दिया है, क्योंकि हमारा मानना है कि स्टाफ के मन में यह आशंका पैदा नहीं होनी चाहिए कि जब कर्मचारी सीसीटीवी के दायरे में काम कर रहे हैं, तो अधिकारियों को भी ऐसा ही क्यों नहीं करना चाहिए.
 
श्री शर्मा का कहना और मानना भी है कि सिर्फ दंड विधान के प्रावधान से खुराफातियों, तिकड़मबाजों, असामाजिक तत्वों, अपराधियों आदि को सुधारा नहीं जा सकता है, बल्कि यदि उन पर और उनकी गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी जाए, और इस निगरानी की पारदर्शिता भी सुनिश्चित कर दी जाए, तो निश्चित तौर पर उनकी कु-प्रवत्तियों पर अंकुश लगाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि सुधार की प्रक्रिया और आदमी को स्वतः सुधरने का मौका दिए जाने से बेहतर अन्य कोई विकल्प कारगर नहीं हो सकता है. उनका मानना है कि दंड देकर व्यवस्था को सुधारने का कांसेप्ट ही गलत है. आदमी मूलतः ईमानदार है, उसे उसकी संगति और आसपास का परिवेश बुरा बनाता है अथवा बनने के लिए मजबूर करता है. उन्होंने कहा कि जब आरटीआई का प्रावधान आया, तो लोगों को एक उम्मीद हुई थी कि इससे सरकारी संस्थाओं पर जनता द्वारा एक अंकुश लगेगा, मगर अब 8-9 साल के भीतर ही यह देखने को मिल रहा है कि एक तरफ इस प्रावधान ने जहां इसका दुरुपयोग बढ़ाया है और बहुत सारे ब्लैकमेलर पैदा किए हैं, वहीँ दूसरी तरफ सरकारी संस्थाओं के बाबुओं ने इससे बचने और जानकारी छिपाने/नहीं देने के भी कई कारगर तरीके खोज लिए हैं.
 
उन्होंने कहा कि इस तरह से आरटीआई के एक पर्याप्त पारदर्शी प्रयोग/प्रावधान को कुंद कर दिया गया है, जिससे इस प्रावधान की बदनामी भी हो रही है. इसलिए उनका मानना है कि पारदर्शितापूर्ण निगरानी व्यवस्था ही समाज और शासन व्यवस्था से भ्रष्टाचार, अनाचार और कदाचार को रोकने में पर्याप्त रूप से सही साबित हो सकती है. उनकी सीसीटीवी व्यवस्था ने आम आदमी यानि यात्रियों और हमारे कर्मचारियों को भी स्वतः सुधरने के लिए मजबूर किया है. यही वजह है कि जन-शिकायतों के साथ ही विभागीय कदाचार के मामले भी नगण्य हो गए हैं. यही नहीं, अब स्टाफ अपनी जगह से अकारण गायब नहीं होता है, अपनी प्रॉपर ड्यूटी करता है, जिससे उसकी उत्पादकता बढ़ी है. काम ज्यादा होने लगा है. कई-कई महीनों तक लंबित रहने वाली फाइल्स अब न सिर्फ कुछ दिनों में निपटने लगी हैं, बल्कि ज्यादा फाइलें निकलने लगी हैं.
 
'रेलवे समाचार' का मानना है कि मुरादाबाद मंडल की इस पारदर्शी प्रणाली को पूरी भारतीय रेल में अपनाया जाना चाहिए और यदि रेलवे से भ्रष्टाचार को समूल नष्ट करना है, तो सभी अधिकारियों के चैम्बर्स में सीसीटीवी कैमरे अविलम्ब लगाए जाने चाहिए और उनकी समस्त कार्यालयीन गतिविधियों को मॉनिटर किया जाना चाहिए.

Latest News



Copyright © 2014
Designing & Development by SW